सुबोध सिंह गैंग गिरोह ने अबतक देश भर में 300 किलो से अधिक सोना कि डकैती को दिया है अंजाम।
रानीगंज :- देश के 7 राज्यों में सोना डकैती कि घटना को जेल में बंद रह कर देता था अंजाम। इस गैंग का सरगना कुख्यात सुबोध सिंह को अब आसनसोल दुर्गापुर पुलिस रानीगंज में एक पुराने डकैती के मामले में ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आसनसोल आई है। पटना के बेउर जेल से सुबोध को कड़ी सुरक्षा में आसनसोल लाया गया है। रविवार को आसनसोल सीजीएम कोर्ट में पेशी किया गया। पुलिस का मानना है कि रानीगंज गहनों के दुकान लूटकांड का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह ही है। इसके पहले 2022 में लुटेरों ने रानीगंज के स्वर्ण व्यवसायी सुंदर भालोटिया के घर में डकैती की थी और उनके अपहरण करने का प्रयास भी किया गया था। गोलीबारी भी हुई थी। जिसमें तीन लोगों को गोली लगी थी। उस घटना में पकड़े गए चार लुटेरों से पूछताछ के बाद सुबोध का नाम सामने आया था. घटना की जांच के लिए मास्टरमाइंड सुबोध सिंह को आसनसोल लाया गया. वहीं रानीगंज लूट की घटना 9 जून को हुई थी. उस घटना में पुलिस ने स्थानीय सूत्रों समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया था।सूत्रों के मुताबिक उनसे पूछताछ के बाद भी सुबोध का कनेक्शन पाया गया है हालांकि सुबोध सिंह ने मीडिया से कहा बंगाल में पुलिस से क्राइम कंट्रोल नहीं हो रहा है, वह लोग अपराध पर लगाम लगाने में नाकाम है। अपनी नाकामी का ठीकरा बंगाल पुलिस उसके सिर पर फोड़ रही है। बिहार के नालंदा जिले का निवासी सुबोध सिंह बीते एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके निशाने पर सोना है। खासकर मन्नपुरम गोल्ड लोन, मुत्थुट फाइनेंस समेत अन्य कंपनियां है। देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों में उसके गिरोह के खौफ है। सुबोध सिंह को बिहार पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था। 2018 में उसके पास से 15 किलो सोना और हथियार मिले थे। उसके खिलाफ जयपुर, चेन्नई, कोलकता, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में केस दर्ज है। वह पटना के बेउर जेल में ही रहकर गिरोह का संचालन करता है। उसके गैंग में करीब 200 लोग जुड़े हुए हैं।
Tags
डकैती प्राइम।